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AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
27 Mar 19, 01:00 PM
कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
किसानों के हित में इरडा का एक अहम फैसला
इरडा ने कहा कि बीमा कंपनियां सुनिश्चित करें कि सभी कॉल सेंटर/टोल-फ्री नंबर पर प्रतिक्रियाएं हिंदी और अंग्रेजी के अलावा स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो। बीमा कंपनियों की वेबसाइट्स पर किसानों के हित के लिए स्थानीय भाषा में फसल बीमा संबंधी विवरण भी दें। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कहा है कि साधारण बीमा कंपनियों को किसानों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अलावा स्थानीय भाषाओं में फसल बीमा दावों के बारे में विवरण देना होगा। इरडा ने कहा कि फसल बीमा योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन किए जाने की आवश्यकता है। उसे फसल बीमा दावों के संबंध में विभिन्न शिकायतें और सुझाव प्राप्त हो रहे थे।
इरडा ने कहा कि बीमाकर्ता यह सुनिश्चित करें कि सभी कॉल सेंटर/टोल-फ्री नंबर पर प्रतिक्रियाएं हिंदी और अंग्रेजी के अलावा राज्य की आधिकारिक भाषाओं में भी उपलब्ध हो। बीमा कंपनियों की वेबसाइट्स पर किसानों के हित के लिए स्थानीय भाषा में फसल बीमा संबंधी विवरण का खुलासा करना चाहिए। बाकी चीजों के अलावा किसानों को योजना के दिशा-निर्देशों, दावा निपटान प्रक्रिया और शिकायत निवारण प्रक्रिया के बारे में शिक्षित करने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाने चाहिए। इरडा ने कहा कि बीमा कंपनियों को व्यक्तियों के नुकसान के आकलन के सभी अनुरोधों को दर्ज करने के लिए एक मजबूत प्रणाली स्थापित करनी चाहिए, और अगर एक व्यक्तिगत नुकसान का मूल्यांकन खारिज कर दिया जाता है, तो इस कारण का उल्लेख करने वाले लिखित अस्वीकृति पत्र बीमाधारक को भेजा जाना चाहिए। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 26 मार्च 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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