AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
04 Apr 19, 10:00 AM
गुरु ज्ञानएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
दलहन की फसलों में फली छेदक इल्ली का एकीकृत कीट प्रबंधन
दलहन की फसल में फली छेदक इल्ली का ज्यादा संक्रमण होता है। (लोबिया, मूंग, उड़द) पौधों की बड़ी पत्तियों, तापमान की स्थिति से मारुका प्रजाति की इल्ली की संख्या ज्यादा बढ़ जाती है। इनका संक्रमण दलहन की फसलों में फूल आने के समय अधिक होता है। इल्ली फली के अंदर के बीज को खा लेती है और फसल को नुकसान पहुंचाती है।
एकीकृत प्रबंधन - • प्राथमिक चरण में 5% नीम अर्क @ 40 मिली प्रति पंप छिड़काव करें। • ट्राइजोफॉस 40%+सायपरमेथ्रीन 4% ईसी @ 10 मिली या लुफेन्युरॉन 5.4% ईसी @ 10 मिली या थायोडीकार्ब 75 डब्लू पी @ 10 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में छिड़काव करें। • लोबिया, उड़द की फसलों के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 5 डब्लू जी @ 5 ग्राम या फ्लुबेंडामाइड 39.35% एससी @ 3 मिली या क्लोरेंथ्रीनिलिप्रोल 18.5 एससी @ 3 मिली प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। • अरहर के लिए इंडोक्जॉकार्ब 14.5 एससी @ 3.5 मिली या इमामेक्टिन बेंजोएट 5 डब्ल्यू जी @ 5 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। और 7 दिनों के बाद दूसरी बार छिड़काव करना चाहिए। • मूंग की फसल में 50% फुल आने के बाद क्लोरॉनट्रिनिलिप्रएल 18.5 एससी @ 3 मिली या फ्लुबेंडामाइड 39.35% एससी @ 3 मिली प्रति 10 मिली पानी में छिड़काव करें। • प्रत्येक छिड़काव के दौरान कीटनाशक को बदलें। • प्राकृतिक रूप से कीटों का नियंत्रण करने के लिए परजीवी बैसस रिलेटवस का संरक्षण करें। डॉ. टी.एम. भरपोडा, एंटोमोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर, बी ए कालेज ऑफ एग्रीकल्चर, आनंद कृषि विश्वविद्यालय, आनंद- 388 110 (गुजरात भारत) यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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