AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
06 Jul 19, 01:00 PM
कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
आर्थिक समीक्षा में खेती के लिए भूजल स्तर में सुधार लाने की जरुरत पर जोर
नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली आर्थिक समीक्षा 2018-19 में खेती के लिए भूजल स्तर पर में सुधार लाने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय प्राथमिकता ‘भूमि की उत्पादकता’ से ‘सिंचाई जल उत्पादकता’ की तरफ जाने की होनी चाहिए। नीतियों में सुधार करते हुए किसानों को इसके लिए संवेदनशील बनाना होगा और जल के इस्तेमाल में सुधार राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। आर्थिक समीक्षा में 2018-19 में खाद्यान्न उत्पादन 28.34 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक समीक्षा 2018-19 पेश करते हुए कहां कि जलस्तर में लगातार आ रही गिरावट खेती के लिहाज से खतरनाक है। एशियन वाटर डेवलेपमेंट आउटलुक 2016 के मुताबिक, करीब 89 फीसदी भू-जल का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जाता है। सिंचाई के मौजूदा चलन की वजह से भू-जल निरंतर नीचे की तरफ खिसकता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। सिंचाई के लिए 89 फीसदी भू-जल का इस्तेमाल किया जाता है। देश में धान और गन्ना की फसल उपलब्ध जल का 60 फीसदी से अधिक उपयोग सिंचाई के लिए करते हैं, जिससे अन्य फसलों के लिए कम पानी उपलब्ध रहता है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 4 जुलाई 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
46
0