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AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
08 Sep 19, 06:30 PM
पशुपालनHpagrisnet.gov.in
ब्रुसिल्लोसिस पशुओं का चेपी गर्भपात
जीवाणु जनित इस रोग में गायों तथा भैंसों में गर्भवस्था के अन्तिम त्रैमास में गर्भपात हो जाता है। यह रोग पशुओं से मनुष्यों में भी आ सकाता है। मनुष्यों में यह उतार-चढ़ाव वाला बुखार (अज्युलेंट फीवर) नामक बीमारी पैदा करता है। पशुओं में गर्भपात से पहले योनि से अपारदर्शी पदार्थ निकलता है तथा गर्भपात के बाद पशु की जेर रुक जाती है। इसके अतिरिक्त यह जोड़ों में ऑर्थरायटिस (जोड़ों की सूजन) पैदा कर सकता है। उपचार और रोकथाम अब तक इस रोग का कोई प्रभावकारी इलाज नहीं है। यदि क्षेत्र में इस रोग के 5% से अधिक पॉजिटिव केस हों तो रोग की रोकथाम के लिए बच्छियों में 3-6 माह की आयु में ब्रुसेल्ला-अबोर्टस स्ट्रेन-19 के टीके लगाए जा सकते हैं। पशुओं में प्रजनन की कृत्रिम गर्भाधान पद्धति अपनाकर भी इस रोग से बचा जा सकता है। स्रोत : Hpagrisnet.gov.in
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