AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
12 Feb 18, 10:00 AM
सलाहकार लेखएग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस
घुलनशील उर्वरकों के लाभ
उर्वरक जो पूरी तरह से पानी में घुल जाते हैं उन्हें घुलनशील उर्वरक कहा जाता है। आजकल किसान पहले की तुलना में अधिक घुलनशील उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि वे इसके लाभं को समझ चुके हैं। इसलिए हम निम्नलिखित घुलनशील उर्वरकों के लाभ समझने जा रहे हैं। • पानी में घुल जाने की वजह से, वे तुरंत फसलों के लिए उपलब्ध होते हैं। • फसलों के लिए पानी और पोषक तत्वों की नियमित आपूर्ति के कारण उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि होती है। • निर्यात गुणवत्ता का अच्छा उत्पादन होता है। • घुलनशील उर्वरकों को फसल और फसल की अवस्था की आवश्यकता के अनुसार दैनिक या वैकल्पिक दिनों पर दिया जा सकता है। • घुलनशील उर्वरकों को सीधे फसल की जड़ों के पास ही दिया जाता है, जिससे वे जड़ों को तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं।
• घुलनशील उर्वरकों को सौम्य घोल के माध्यम से दिया जाता है, इसलिए जड़ों पर उनका प्रतिकूल असर नहीं पडता है। • इन उर्वरकों का उपयोग करने की पद्धति आसान और सुविधाजनक होती है, इसलिए श्रम लागत बच जाती है। • इन उर्वरकों को रोजाना या वैकल्पिक दिनों में कम प्रमाण में दिया जाता है, इसलिए पोषक तत्व निकासी के माध्यम से व्यर्थ नहीं होते हैं। • वे अम्लीय धर्म के होते हैं, इसलिए मिट्टी के पीएच को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा ड्रिप सिंचाई में खनिज जमा नहीं होते है। इसलिए ड्रिपर्स चोक नहीं होते। • घुलनशील उर्वरक सोडियम क्लोराइड जैसे हानिकारक रसायनों से मुक्त होते हैं, इसलिए मिट्टी की संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ जाती है। • हल्की मिट्टी में भी फर्टीगेशन द्वारा अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। एग्रोस्टार एग्रोनोमी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस, 8 दिसम्बर 18
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