AgroStar Krishi Gyaan
Pune, Maharashtra
02 May 19, 01:00 PM
कृषि वार्ताआउटलुक एग्रीकल्चर
कृषि वैज्ञानिकों ने की चने में जेनेटिक कोड की खोज
कृषि वैज्ञानिकों ने चने में जेनेटिक कोड की खोज की है, इससे जलवायु परिर्वतन के अनुकूल अधिक उत्पादन देने वाली चने की किस्म को तैयार करने में मदद मिलेगी। डॉ त्रिलोचन महापात्र, सचिव, कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डीएआरई) और महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कहा कि यह वैश्विक कृषि अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है और ये दुनिया की कृषि संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करेंगे। भारत में दलहन में सबसे ज्यादा उत्पादन चने का होता है, अत: चने का उत्पादन बढ़ने से दालों में आत्मनिर्भर होगी।
डॉ राजीव वार्ष्णेय इस परियोजना के प्रमुख और आईसीआरआईएसएटी के रिसर्च प्रोग्राम डायरेक्टर जेनेटिक गेन्स (आरपीजीजी) ने बताया की जीनोम-वाइड एसोसिएशन के अध्ययन से हमें 13 महत्वपूर्ण लक्षणों के लिए जिम्मेदार जीन्स की पहचान करने में सफलता मिली है। उदाहरण के लिए, हमने आरईन1, बी-1, 3-गलूसैंस, आरईएफ6 जैसे जीन्स की खोज की, जो फसल को 380 सी तक तापमान सहन करने और उच्च उत्पादकता प्रदान करने में मदद कर सकता है। स्रोत – आउटलुक एग्रीकल्चर, 30 अप्रैल 2019 यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो फोटो के नीचे दिए पीले अंगूठे के निशान पर क्लिक करें और नीचे दिए विकल्पों के माध्यम से अपने सभी किसान मित्रों के साथ साझा करें।
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