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Laxman Kharwar
Sikkim
07 Aug 19, 11:42 AM

Sikkim Mein gobhi ki kheti kab Karen

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Agri Doctor
Pune, Maharashtra
07 Aug 19, 12:42 PM

नमस्कार खरवार जी, एग्रोस्टार परिवार में आपका स्वागत है। सर जी फूलगोभी फसल रेतली दोमट से चिकनी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती हैं। पिछेती बिजाई की किस्मों  के लिए चिकनी दोमट मिट्टी को पहल दी जाती है और जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए रेतली दोमट मिटटी की सिफारिश की जाती है| मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए। मिट्टी का pH कम होने पर उसमें चूना डालें। अगेती किस्मों के लिए, जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है। मुख्य मौसम की किस्मों के लिए, अगस्त के महीने में बिजाई पूरी कर लें, जबकि पिछेती किस्मों की बिजाई अक्तूबर महीने में करें। अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी.  फासले का प्रयोग करें। बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें। बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है। बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें। पौध लगाने के समय जरूरत के अनुसार पानी और खाद डालें। 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है। पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के पुराने पौधे लगाएं। खेत में गली हुई रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें और साथ ही नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट), पोटाश 25 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) गाय का गोबर, एस एस पी और म्यूरेट ऑफ पोटाश की पूरी मात्रा और युरिया की एक तिहाई मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें। बाकी बची यूरिया को दो समान भागों में बांटकर रोपाई के बाद 30वें और 45वें दिन डालें। अगर आपकी फसल में कोई समस्या आती है। तो आप हमें बताए सर हम आपकी पूरी सहायता करेंगे। आप इसी तरह अपनी फसल की फोटो एवं समस्या एवं आपके अनुभव यहाँ शेयर करें। ताकि हम किसान भाइयों की उन्नति मे मिलजुलकर सहायता करें। धन्यवाद I एग्री डॉ. तजिंदर।